
- भारतीय निर्यात का 99% हिस्से को ब्रिटिश बाजार में ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी, जिससे टेक्सटाइल, चमड़ा, दवाइयां, खाद्य उत्पाद इत्यादि को बड़ा लाभ होगा।
- UK के उत्पादों पर भारत में टैरिफ औसतन 15% से घटकर 3% तक आ जाएगा; खासकर कार, व्हिस्की, इलेक्ट्रॉनिक्स और चिकित्सा उपकरणों पर शुल्क में बड़ी कटौती होगी।
- भारत ने व्हिस्की पर टैरिफ तुरंत 150% से घटाकर 75% और अगले 10 वर्ष में 40% करने पर सहमति दी है ।
- भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत उत्पाद, जैसे हल्दी, मिर्च, आम का गूदा, दालें आदि को ब्रिटिश बाजार में बिना शुल्क के प्रवेश मिलेगा।
- भारत ने अपने संवेदनशील कृषि क्षेत्रों (जैसे डेयरी, सेब, जई, खाद्य तेल) को सुरक्षा देने के लिए इन पर कोई रियायत नहीं दी है।
- समझौते से दोनों देशों के बीच निवेश, तकनीक और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे ।
- FTA के लागू होने के लिए ब्रिटिश संसद की स्वीकृति अपेक्षित है; इसमें लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है।
इससे दोनों देशों के किसानों, उद्योगों और कारोबारियों को बड़ी राहत और नए बाज़ार मिलेंगे ।
यह समझौता भारत-UK दोनों के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है, विशेष रूप से टैक्सटाइल, एग्रीकल्चर, ऑटोमोबाइल और व्हिस्की जैसे क्षेत्रों में।