Google और Apple की डील पर खतरा – क्या होगा अरबों डॉलर के राजस्व का?
आज हम एक अहम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट की बात कर रहे हैं — जो न केवल Google और Apple जैसी दिग्गज कंपनियों को प्रभावित कर सकता है, बल्कि पूरे डिजिटल विज्ञापन बाजार की दिशा भी तय कर सकता है।
📌 क्या है मामला?
अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) ने Google के खिलाफ एक ऐतिहासिक एंटीट्रस्ट (प्रतिस्पर्धा-विरोधी) मुकदमा दायर किया, जिसका फैसला 2023 में आया। इस मुकदमे में जज अमित मेहता ने यह माना कि Google ने अपने सर्च इंजन की मोनोपॉली को बनाए रखने के लिए अनुचित और प्रतिस्पर्धा-रोधी गतिविधियाँ कीं।
अब 2025 में मामले के अंतिम चरण में Remedies Trial पूरा हो चुका है और अगस्त में अंतिम निर्णय आने की उम्मीद की जा रही है।
🧾 Apple को क्या नुकसान हो सकता है?
Google हर साल Apple को अरबों डॉलर देता है—ताकि वह iPhone और Safari ब्राउज़र में डिफ़ॉल्ट सर्च इंजन बना रहे। JPMorgan का अनुमान है कि अगर कोर्ट इन भुगतानों पर रोक लगाता है, तो Apple को अमेरिका में अकेले $12.5 बिलियन यानी 1 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का सालाना नुकसान हो सकता है।
यह Apple की ‘Services’ इनकम का बड़ा हिस्सा है। इसका प्रभाव कंपनी की कमाई पर और निवेशकों की धारणा पर साफ देखने को मिलेगा।
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🧠 विशेषज्ञों की राय:
JPMorgan का कहना है कि Apple के पास इतने संसाधन हैं कि वह इस नुकसान को या तो झेल सकता है या Microsoft और DuckDuckGo जैसी कंपनियों से नई डील कर सकता है।
क्या है आगे का रोडमैप?
जज मेहता अपना अंतिम निर्णय अगस्त 2025 की शुरुआत में देंगे। यह फैसला Big Tech नियामकों और मार्केट में एक बड़ा
बदलाव ला सकता है।