राष्ट्रपति भवन में अहम बैठकें"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अलग-अलग मुलाक़ात की। इन बैठकों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। माना जा रहा है कि ये मुलाकातें आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव और संभावित कैबिनेट फेरबदल से जुड़ी हो सकती हैं।
वर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अब उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को होगा। संसद के दोनों सदनों के सदस्य इस चुनाव में मतदान करेंगे।
सूत्रों की मानें तो संसद का मानसून सत्र 21 अगस्त को समाप्त होते ही एक बड़ा कैबिनेट फेरबदल हो सकता है। वित्त, विदेश और पेट्रोलियम जैसे प्रमुख मंत्रालयों में बदलाव की चर्चा है।
"बिहार मुद्दे पर संसद ठप"
दूसरी ओर, संसद का कामकाज बुरी तरह प्रभावित है। विपक्ष बिहार में चल रहे विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सरकार से बहस की मांग कर रहा है। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के ज़रिए गरीब और हाशिए पर खड़े समुदायों को मतदाता सूची से बाहर किया जा सकता है।
"मणिपुर में राष्ट्रपति शासन का बढ़ाव"
इसी बीच अमित शाह की राष्ट्रपति से मुलाकात मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को छह महीने और बढ़ाने की प्रक्रिया से जुड़ी मानी जा रही है। राज्य में फरवरी 2024 से राष्ट्रपति शासन लागू है, जो अब 13 अगस्त को समाप्त हो रहा है। उल्लेखनीय है कि मई 2023 से मणिपुर में जातीय हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हज़ारों लोग बेघर हुए हैं।
मोदी की विदेश यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में ब्रिटेन और मालदीव की यात्रा की, जहाँ उन्होंने व्यापारिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए और मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लिया। उनकी राष्ट्रपति से हुई बातचीत को इसी यात्रा की जानकारी देने वाली औपचारिक मुलाकात बताया जा रहा है, लेकिन वक्त और हालात को देखते हुए इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय निर्यातों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद भारत सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बढ़ा है। ऐसे में अंदरूनी और बाहरी परिस्थितियों ने राजनीतिक माहौल को और भी संवेदनशील बना दिया है।
